मथुरालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1971
चकलेश्वर सिंह (INC) ने 1971 के लोक सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर मथुरा सीट जीती और दिगम्बर सिंह चौधरी (BKD) को 21,439 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चकलेश्वर सिंह | 1,11,86440.1% | |
| 2 | दिगम्बर सिंह चौधरी | 90,42532.4% | |
| 3 | वृजेंद्र केशोरैया | 42,16615.1% | |
| 4 | द्रगपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,5854.5% |
| 5 | ज्ञानेन्द्र स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 11,2574.0% |
| 6 | बेदरन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0301.4% |
| 7 | नन्द लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6721.0% |
| 8 | गंगा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1290.8% |
| 9 | नन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5930.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 62.2% से घटकर 50.5% रह गया।
- 1967जी.एस.एस.ए.बी. सिंह (IND), जीत का अंतर 27.9%
- 1971चकलेश्वर सिंह (INC), जीत का अंतर 7.7%