फिरोज़ाबादलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1962
शम्भू नाथ चतुर्वेदी (INC) ने 1962 के लोक सभा चुनाव में 29.7% वोट पाकर फिरोज़ाबाद सीट जीती और दाता राम गोरख (REP) को 13,239 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शम्भू नाथ चतुर्वेदी | 64,14529.7% | |
| 2 | दाता राम गोरख REP | REP | 50,90623.6% |
| 3 | बृज राज सिंह SOC | SOC | 49,41422.9% |
| 4 | जयराम भारद्वाज | 11,5795.4% | |
| 5 | एस. के. डी. पालीवाल | 10,7285.0% | |
| 6 | मुश्ताक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 8,9374.1% |
| 7 | महताब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2192.9% |
| 8 | टीका राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0312.3% |
| 9 | गंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5182.1% |
| 10 | सुन्दर लाल पिपिल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5002.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।