कानपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1962
एस. एम. बनर्जी (निर्दलीय) ने 1962 के लोक सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर कानपुर सीट जीती और बिजय कुमार सिन्हा (INC) को 58,105 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. एम. बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,39,03953.2% |
| 2 | बिजय कुमार सिन्हा | 80,93431.0% | |
| 3 | बाबू राम शुक्ला | 20,5717.9% | |
| 4 | विमल मेहरोत्रा | 6,5262.5% | |
| 5 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0391.6% |
| 6 | मकबूल अहमद खान SOC | SOC | 2,7311.1% |
| 7 | भगवती प्रसाद दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7011.0% |
| 8 | आशुतोष लहेरी | 2,2940.9% | |
| 9 | जगन्नाथ खन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4400.6% |
| 10 | आचार्य श्री कृष्ण जनसेवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0420.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJS को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।