महेन्द्रगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1962
युधवीर सिंह (BJS) ने 1962 के लोक सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर महेन्द्रगढ़ सीट जीती और राम किशन (INC) को 11,259 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | युधवीर सिंह | 1,05,02733.9% | |
| 2 | राम किशन | 93,76830.2% | |
| 3 | देवी प्रसन्न निर्दलीय | निर्दलीय | 32,03910.3% |
| 4 | कुलदा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 21,1896.8% |
| 5 | परमजीत कुमार स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 16,6765.4% |
| 6 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,9025.1% |
| 7 | भरतू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 10,1203.3% |
| 8 | सुधन निर्दलीय | निर्दलीय | 8,1142.6% |
| 9 | मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,2692.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।