मुजफ्फरपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1962
दिग्विजय नारायण सिंह (INC) ने 1962 के लोक सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर मुजफ्फरपुर सीट जीती और कान्ति कुमार सिन्हा (PSP) को 50,000 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिग्विजय नारायण सिंह | 92,39343.6% | |
| 2 | कान्ति कुमार सिन्हा | 42,39320.0% | |
| 3 | मगफूर अहमद अज़ाज़ी | 27,11612.8% | |
| 4 | अवधेश नारायण सिंह SOC | SOC | 15,6627.4% |
| 5 | राम औतार टिकमानी | 12,8526.1% | |
| 6 | रत्ना देवी RRP | RRP | 9,7434.6% |
| 7 | रामचलितर सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,3664.4% |
| 8 | कृष्ण प्रसाद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2491.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।